फिर सोचा मैंने उन्हें तड़पाके दर्द मुझको ही होगा,
जिसे चाहा वह मिला नहीं जो मिला उससे मोहब्बत नहीं हुई…!
संवर गई तो जन्नत, नहीं तो सिर्फ तमाशा है
तुमसे दिल की बात कहने की ख्वाहिश अब दिल में रह गई,
प्यार तो था, पर किस्मत ने साथ छोड़ दिया।
और एक हमारा प्यार है जिसे आप अपने दिल में जगह नही देती।
पर क्या हम कभी वही प्यार दोबारा पा पाए क्या।
अब खाली हाथों में बस तेरी यादें रह गई हैं…!!!
जिसे अपना समझा, वही बेगाना निकला, जिसके बिना जी नहीं सकते थे, वही छोड़ कर चला गया।
लेकिन तुम नहीं जानते, इस फासले से दिल कितना टूटता है।
ज़िंदगी के दर्द को मुस्कान में छिपा गए हैं।
तूने मुझे इस तरह छोड़ Sad Shayari दिया, जैसे मैं तेरा कभी था ही नहीं।
मोहब्बत तो थी पर मंज़ूर-ए-क़िस्मत न थी।
तेरे मखमली बदन में, खुशबुओं के चमन में।